एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में मौजूदा शैक्षणिक सत्र से शुरू हुए 13 नए रोज़गार-उन्मुख पाठ्यक्रम

एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में मौजूदा शैक्षणिक सत्र से शुरू हुए 13 नए रोज़गार-उन्मुख पाठ्यक्रम


शिमला, अक्टूबर 13
स्थानीय अलख प्रकाश गोयल (एपीजी) शिमला विश्वविद्यालय में नए तेरह पाठ्यक्रम इस शैक्षणिक सत्र से शुरू किए गए हैं। एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. आर.के. कायस्थ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन नए पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा। इन नए तेरह पाठ्यक्रमों जिनमें बी.एस. सी. अपैरल प्रोडक्शन एवं मैनेजमेंट, बी.एस.सी. आईटी, बीएससी एनीमेशन, डिप्लोमा कोर्स-इन फैशन डिज़ाइन, डिप्लोमा कोर्स -इन फ़ूड एंड बेवरेज सर्विस, डिप्लोमा -इन इंडियन क्लासिकल म्यूजिक, बीबीए -इन बिज़नेस एनालिटिक्स, एमएससी फिजिक्स, एमएसी केमिस्ट्री, एमएसी मैथमेटिक्स, एमएसी एनवायर्नमेंटल साइंस, पीएचडी कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग इसी सत्र से किये गए हैं। एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. रमेश कुमार चौधरी का कहना है कि इन नए पाठ्यक्रमों से हज़ारों छात्रों को शैक्षणिक लाभ के साथ रोजगार प्राप्त करने में सहायकसिद्ध होंगें। कुलपति चौधरी ने कहा कि कई शिक्षण संस्थानों के छात्रों की ओर से इस तरह के जॉब-ओरिएंटेड पाठ्यक्रमों को लेकर पहले भी कई आवेदन आते रहे हैं तथा छात्रों की मांग पर ये पाठ्यक्रम इस शैक्षणिक सत्र से शुरू किए गए हैं। कुलपति चौधरी ने विश्वविद्यालय की विषय विशेषज्ञों व कार्यकारिणी कमेटी की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्षों, डीन, प्रोफेसरों के साथ इन नए पाठ्यक्रमों पर विस्तार से चर्चाकर व गहन अध्ययन किया कि इन कोर्सेज को सुचारूढंग से कैसे चलाएं और इस संबंध में संबंधित संकाय के विभागाध्यक्षों, डीन, प्रोफेसर्ज़ को निर्देश दिए। विश्वविद्यालय कार्यकारणी कमेटी में डीन एकेडेमिक्स डॉ. प्रो. कुलदीप कुमार, डीन पत्रकारिता विभाग से प्रो. रमेश चौहान, डीन इंजीनियरिंग विभाग से डॉ. प्रो. आनंद मोहन, डीन स्टूडेंट वेलफेयर विभाग से डॉ. सुनील ठाकुर, प्रो. अरुण चौधरी, डीन डॉ. नील सिंह, सभी विभागों के विभागाध्यक्षों और रजिस्ट्रार डॉ. आर.के. कायस्थ ने भाग लिया और नए पाठ्यक्रमों के महत्व व इन्हें छात्रहित में सही ढंग से चलाने संबंधी चर्चा की। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. चौधरी ने कहा कि उच्च शिक्षा में अच्छी गुणवत्ता, जॉब-ओरिएंटेड पाठ्यक्रमों व छात्रों में कौशल विकास से ही रोज़गार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय इस दिशा में प्रयासरत है और विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग से लेकर पत्रकारिता, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, प्रबंधन जैसे कई प्रोफेशनल कोर्सेज की पहले से पढ़ाई हो रही है। कुलपति चौधरी ने कहा कि कोविड-19 को मध्यनजर रखते हुए यूजीसी ने प्रवेश की तिथि अब 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी है, जिन उन सभी विद्यार्थियों को एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा जो अभी किन्हीं कारणवश इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। प्रवेश के लिए एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://portal.agu.edu.in/reg पर रिजिस्टर कर सकते हैं।

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