शिमला के नए डीसी आदित्य नेगी का संघर्ष, बैंक मैंनेजर से प्रदेश राजधानी के डीसी साहिब

शिमला के नए डीसी आदित्य नेगी का संघर्ष, बैंक मैंनेजर से प्रदेश राजधानी के डीसी साहिब


शिमला के नए डीसी आदित्य नेेगी का संघर्ष का सफर::::दो वक्त की रोटी के लिए गरीब व्यक्ति का संघर्ष देख मन विचलित हो गया। मन में सोचा, गरीबी के इस संघर्ष को कैसे पाटा जाए। फिर क्या था, मन में ठान लिया आईएएस बनना है। बैंक में मैनेजर की नौकरी के साथ आईएएस की तैयारी शुरू कर दी।

पहले और दूसरे प्रयास में असफल रहे लेकिन 2012 में तीसरे प्रयास में सफलता मिल गई। मूलत: किन्नौर के रहने वाले 2013 बैच के आईएएस अफसर आदित्य नेगी को स्मार्ट वर्क पसंद है। काम के बोझ तले दबना उनको पसंद नहीं है।

एसबीआई बैंक में बतौर पीओ प्रोबेशनर आफिसर नौकरी ज्वाइन करने से लेकर आईएएस बनने का सफर इन्होंने पूरे प्लान के साथ तय किया। महज तीन साल में आरबीआई जैसे प्रतिष्ठित बैंक में आदित्य नेगी मैनेजर बन गए। महाराष्ट्र में बैंक प्रबंधन ने इन्हें ग्रामीण जीवन को करीब से देखने के लिए ग्राउंड लेवल पर भेजा। नेगी अपनी सफलता के पीछे अपने माता पिता, दोस्तों और सीनियर्स का हाथ मानते हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र इनके एजेंडे में प्राथमिकता पर हैं।

आदित्य नेगी कहते हैं कि वह बीकॉम स्टूडेंट रह चुके हैं। मुंबई में आरबीआई में मैनेजर के पद पर रहते हुए आईएएस की तैयारी करना चुनौती पूर्ण था लेकिन सीनियर्स के मार्गदर्शन से वह इसे पार कर पाए। आईएएस की तैयारी को उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली। सारी तैयारी उन्होंने वरिष्ठों के मार्गदर्शन में स्वत: ही की। सामान्य ज्ञान के उन्होंने इंटरनेट का जमकर इस्तेमाल किय्रा।  

34 वर्ष की उम्र के शिमला के नए डीसी आदित्य नेगी किन्नौर के रहने वाले है 26 वर्ष की उम्र में आईएएस बने नेगी एडीसी सिरमौर व इससे पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव रह चुके औऱ अब प्रदेश की राज धानी शिमला के नए युवा डीसी बने हैं

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