देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी इक्कीस दिन के लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार उचित और प्रभावी कदम उठा रही है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लाॅकडाउन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए आज यहां आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे कि राज्य के बाहर से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा न आए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आपूर्ति लाइन के पूरक के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में राशन, दालों और खाद्य तेलों का पर्याप्त भंडार है और पर्याप्त मात्रा में दूध और ब्रेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो उपभोक्ताओं की सुविधा और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचाव के लिए दुग्ध संग्रह केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
जय राम ठाकुर ने निर्देश दिया कि पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि घुमंतू गद्दी और गुर्जरों और उनके झुंडों को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए सभी निवारक उपाय किए जाएं।
मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार एवं आर. डी. धीमान, पुलिस महानिदेशक एस.एस. मरडी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू और सचिव जीएडी देवेश कुमार बैठक में शामिल हुए।गौरतलब है किकोरोना के खौफ के बीच जहां भारत सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का फैसला किया है । वहीं, हिमाचल सरकार ने भी प्रदेश में पहले लॉकडाउन फिर कर्फ्यू लगा दिया है । हालांकि, कर्फ्यू के दौरान लोगों को जरुरी सामान मिलते रहेंगे । राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को ये अधिकार दिया हुआ है कि वो अपने जिले में जरुरत के हिसाब से फैसले ले सकते हैं । इसके तहत कई जिलों में कर्फ्यू के दौरान लोगों को जरुरी सामान की खरीददारी को सीमित कर दिया गया है ।
आने वाले कुछ हफ्ते देश और प्रदेश के लिये नाजुक है । इस दौरान लोगों को मूलभूत जरुरत की चीजें मिलती रहें । कही भी लोगों को दिक्कत न हो । इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के सीनियर अधिकारीयों के साथ आज चर्चा की है ।