हिमाचल प्रदेश में अब 5 रुपये होगा न्यूनतम बस किराया,महिलाओं को 50% छूट के साथ 1 जुलाई से लागू

हिमाचल प्रदेश में अब 5 रुपये होगा न्यूनतम बस किराया,महिलाओं को 50% छूट के साथ 1 जुलाई से लागू

चुनावी साल में हिमाचल प्रदेश सरकार ने न्यूनतम बस किराया कम करने का फैसला लिया है। प्रदेश में न्यूनतम बस किराया अब पांच रुपये लिया जाएगा। सीएम जयराम ठाकुर ने धर्मशाला महाविद्यालय के सभागार में आयोजित ‘नारी को नमन’ कार्यक्रम के राज्यस्तरीय समारोह में इसकी घोषणा की। अभी प्रदेश में न्यूनतम बस किराया सात रुपये है। सीएम ने कहा कि काफी समय से लोगों की ओर से इसकी मांग की जा रही थी। नया किराया सभी निजी व एचआरटीसी बसों में जल्द लागू किया जाएगा।

मौजूदा समय में न्यूनतम बस किराया सात रुपये होने के चलते सूबे में चल रही निजी और सरकारी बसों में कुछ कंडक्टर सवारियों से 10 रुपये लेकर 3 रुपये बकाया नहीं लौटा रहे। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प 1100 पर भी लोग इसे लेकर मुख्यमंत्री को शिकायतें मिली हैं। ऐसे में अब जनता को राहत देकर सरकार ने न्यूनतम बस किराया पांच रुपये करने का फैसला लिया है, जो अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू हो जाएगा।

चार साल में सरकार ने दो बार बढ़ाया किराया
मौजूदा सरकार ने 4 साल के कार्यकाल में दो बार बस किराया बढ़ाया। सितंबर 2018 में सामान्य किराये में 20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी कर न्यूनतम किराया 3 से 6 रुपये कर दिया था। हालांकि लोगों के विरोध के बाद अगले ही महीने अक्तूबर में न्यूनतम किराया 5 रुपये कर दिया गया। इसके बाद कोरोना काल में जुलाई 2020 में एक बार फिर बस किराये में 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई और न्यूनतम किराया 5 से बढ़ा कर 7 रुपये कर दिया गया था

प्रदेश में यह है प्रति किलोमीटर किराये की दरें
पहाड़ी क्षेत्र : 2.19 रुपये प्रति किलोमीटर
मैदानी क्षेत्र: 1.40 रुपये प्रति किलोमीटर

मुख्यमंत्री ने धर्मशाला से राज्य स्तरीय नारी को नमन कार्यक्रम के अन्तर्गत महिला यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत की रियायत की शुरूआत की

परिवहन निगम में मोटर मैकेनिक, इलैक्ट्रिशयन और अन्य श्रेणियों के 265 पद भरने की घोषणा
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कांगड़ा जिला के धर्मशाला में राज्य स्तरीय ‘नारी को नमन’ समारोह की अध्यक्षता करते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसांें में महिला यात्रियों को बस किराए में 50 प्रतिशत की रियायत की शुरूआत की। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में मौजूदा न्यूनतम किराया 7 रुपये से घटा कर 5 रुपये करने और हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की राइड विद प्राइड टैक्सियों में महिला चालकों के 25 पद भरने की घोषणा की। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम में मोटर मैकेनिक, इलैक्ट्रिशयन और अन्य श्रेणियों के 265 पद भरने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम को 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाने का मामला वित्त विभाग के समक्ष लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन प्रदेशवासियों के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिला यात्रियों को 50 प्रतिशत रियायत प्रदान करने वाले ‘नारी को नमन’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बस किराए में दी जाने वाली यह छूट राजनीतिक कदम नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की ओर हमारे संकल्प की दिशा में की गई सकारात्मक पहल है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहायक सिद्ध होगी और प्रदेश में महिलाओं की प्रगति को और गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में प्रतिदिन 1.25 लाख महिलाएं यात्रा करती हैं और इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार लगभग 60 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को भी गति प्रदान करेगी, क्योंकि प्रतिदिन बसों में यात्रा करने वाली विद्यालय और महाविद्यालय की छात्राएं इससे लाभान्वित होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं हमारी कुल आबादी का 50 प्रतिशत है और महिलाओं के समग्र विकास और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना विकसित समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार ने निगम की बसों में बस किराए में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक युवा विपक्षी विधायक ने इस ऐतिहासिक निर्णय के तुरन्त बाद फेसबुक लाइव में वर्तमान राज्य सरकार पर प्रदेश के लोगों को मुफ्तखोरी की आदत लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग ऐसे नेताओं को आगामी चुनावों में करारा जवाब देंगे।
जय राम ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के उनके कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया था। उन्होंने कहा कि उन चुनावों में 58 प्रतिशत से अधिक सीटों पर महिलाओं ने जीत हासिल की थी और आज यह 60 प्रतिशत तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से छूटे हुए लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों की बेटियों को लाभ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री शगुन योजना आरम्भ की गई, जिसके अन्तर्गत बीपीएल परिवारों की बेटियों को शादी के दौरान 31000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत 5308 लड़कियों को 17 करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रदान कर लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं को भयमुक्त परिवेश प्रदान करने के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए गुड़िया हेल्पलाइन आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि बेटी है अनमोल योजना के अन्तर्गत बीपीएल परिवार की दो बेटियों के नाम 21 हजार रुपए जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण संगठनों से जुड़ी सभी महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्योें को 25 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि रिवॉल्विंग फंड के रूप में प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आरम्भ की है और इसके अन्तर्गत उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए 35 प्रतिशत तक का अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने महिला यात्रियों को रियायती टिकट और पुष्प प्रदान किए और धर्मशाला बस अड्डे से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की महिला बस चालक सीमा ठाकुर को सम्मानित भी किया। उन्होंने अनुकंपा आधार के दो लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंडी, सिरमौर, ऊना, चंबा, हमीरपुर, शिमला, लाहौल-स्पीति के काजा, सोलन, बिलासपुर, रिकांगपिओ (किन्नौर) और कुल्लू जिला की महिला यात्रियों से संवाद भी किया।
उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में इलैक्ट्रिक बसों के संचालन पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 3500 अधिक युवाओं को परिवहन विभाग में रोजगार प्राप्त हुआ है। उन्होंने उपस्थित नारी शक्ति का आह्वान किया कि वे प्रदेश सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी प्रचार-प्रसार करें ताकि प्रदेश में विकास की गति को बनाए रखने के लिए वर्तमान सरकार को पुनः सत्तासीन किया जा सके।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष रशिम धर सूद ने महिला यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस अवसर पर सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी।
प्रधान सचिव परिवहन आर.डी. नज़ीम ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह हिमाचल पथ परिवहन निगम के लिए गर्व का क्षण है, जब निगम की बसों में महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगम को सुरक्षित एवं आरामदायक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जाना जाता है।
प्रबन्ध निदेशक, परिवहन संदीप कुमार ने इस अवसर पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार, विधायक विशाल नेहरिया, अर्जुन सिंह, रविन्द्र धीमान, अरूण मेहरा, होशियार सिंह और रीता धीमान, वूलफेड के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर, उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने धर्मशाला से, जबकि जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी, जनजातीय विकास मंत्री डॉ. राम लाल मारकण्डा, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर, शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल, वन मंत्री राकेश पठानिया, ऊर्जा मंत्री सुख राम चौधरी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजिन्द्र गर्ग, मुख्य सचेतक बिक्रम जरयाल, विधायक तथा अन्य गणमान्यों ने इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिला मुख्यालयों से कार्यक्रम में भाग लिया।
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