15वें वित्तायोग में हिमाचल को अगले पांच साल में केंद्र से मिलेगी 81977 करोड़ रुपए की ग्रांट,जानिए किन किन मदो में कितनी

15वें वित्तायोग में हिमाचल को अगले पांच साल में केंद्र से मिलेगी 81977 करोड़ रुपए की ग्रांट,जानिए किन किन मदो में कितनी

15वें वित्तायोग ने राज्य को दी राहत, रेवेन्यू डेफिसिट भी जारी रखा
इसमें टैक्स शेयर के 35064 करोड़ व लोकल बॉडी के 3049 करोड़ शामिल

हर महीने केंद्र सरकार से करीब 950 करोड़ मिलते रहेंगे, जिससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का संकट नहीं आएगा।

कोविड संकट के बाद खतरा था कि कहीं रेवेन्यू डेफेसिट ग्रांट बंद न हो जाए। इसके अलावा वित्तायोग ने स्थानीय निकायों को 3049 करोड़ और डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए 2258 करोड़ रुपए की ग्रांट दी है। 1420 करोड़ रुपए अलग से स्टेट स्पेसिफिक ग्रांट के रूप में दिए गए हैं।

इनमें से 1000 करोड़ मंडी एयरपोर्ट, कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 400 करोड़ और ज्वालाजी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया है। कांगड़ा एयरपोर्ट के रनवे को 1370 मीटर से बढ़ाकर 2050 मीटर किया जाना है ताकि पर्यटक को बढ़ावा मिल सके और लोगों को सहूलियत।

इससे पहले 14वें वित्तायोग ने 72033 करोड़ पांच साल के लिए ग्रांट दी थी। 15वें वित्तायोग ने इसे बढ़ाकर 81977 करोड़ कर दिया है। ये पैसा 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक मिलेगा।

15वें वित्तायाेग ने भी शिमला,मनाली और धर्मशाला में पर्यटकाें के बाेझ काे कम करने की सलाह दी है। आयाेग ने चंबा और लाहाैल स्पीति में नए पर्यटन क्षेत्र डेवलप करने की राज्य सरकार को सलाह दी है। साथ ही बार-बार लिए जा रहे कर्जाें पर चिंता जताते हुए इन्हें कंट्रोल करने को कहा है।

आयोग ने प्रदेश की कर प्रणाली में भी सुधार की आवश्यकता जताई है और प्रदेश में निर्माणाधीन पन बिजली परियोजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा है। आयाेग ने सरकार काे प्रदेश की सड़कों की हालत में सुधार करने को कहा है। वित्तायोग ने यह भी कहा है कि सरकार भले ही खर्चों को कम करने के प्रयास कर रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रतिबद्ध खर्चे जिसमें वेतन और ग्रांट-इन-ऐड भी शामिल है, कुल राजस्व प्राप्तियों का करीब 72.7 फीसदी है।

इन मदों में मिलेगी ग्रांट

टैक्स शेयर 35064 करोड़
रेवन्यू डेफिसिट 37199 करोड़
लोकल बॉडी 3049 करोड़
डिजास्टर मैनेजमेंट 2258 करोड़
हेल्थ सेक्टर 377 करोड़
पीएमजीएसवाई 2222 करोड़
डाटा एंड स्टेस्टिक्स 21 करोड़
ज्यूडिशियरी 50 करोड़
हायर एजूकेशन 70 करोड़
एग्रीकल्चर सेक्टर 247 करोड़
स्टेट स्पेसिफिक ग्रांट 1420 करोड़

courtesy: Jagran News.

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