एक राज्य-एक पोर्टल’ प्रणाली से ऑनलाईन उपलब्ध होंगी शहरी निकायों की सभी सेवाएं: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी शहरी स्थानीय निकायों में विभिन्न नागरिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत ‘एक राज्य-एक पोर्टल’ प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। शहरी विकास विभाग की आज यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कहीं। उन्होंने सभी सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने पर भी बल दिया ताकि लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने सम्पत्ति कर, बिलों का भुगतान, नोटिस प्रबन्धन, सभी अनापत्ति प्रमाणपत्र और स्वीकृतियों इत्यादि को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। इससे लोगों को तत्काल सेवाएं उपलब्ध होंगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी न्यून होंगी। उन्होंने कहा कि सभी शहरी स्थानीय निकायों में सम्पत्ति कर की गणना और एकत्रिकरण भी ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए, राज्य के सभी 61 स्थानीय शहरी निकायों, 35 अधिसूचित विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) तथा 56 योजना क्षेत्रों के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस विभाग की सहायता से एक पूर्ण स्वचालित ऑनलाइन भवन अनुमति प्रणाली विकसित की जा रही है। यह प्रणाली स्वतः छंटनी सुविधाओं के माध्यम से नए भवन चित्रों की वास्तविक समय में जांच करने में सक्षम होगी, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया में दक्षता और सटीकता सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में आवेदनों और दस्तावेजों को अपलोड करने की भी सुविधा उपलब्ध होगी और इसके माध्यम से अनुमतियां और नोटिस इत्यादि जारी किए जा सकेंगे। उन्होंने बार-बार आपत्तियां इंगित करने की प्रथा बंद करते हुए केवल एक बार ही सभी आपत्तियों का उल्लेख करने पर भी बल दिया। उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली को और आधुनिक बनाने तथा लेखा संबंधी रिकॉर्ड के लिए डिजिटल तकनीक अपनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के समावेश से शहरी स्थानीय निकायों और सरकारी विभागों में सेवाओं को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा, जो कुशल प्रशासन प्रदान करने और नागरिक केंद्रित सेवाओं के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बैठक के दौरान ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला नगर निगम में जल आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने गाद और बाढ़ से प्रभावित जल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सिल्ट की समस्या के समाधान के लिए गिरि नदी पर बांध बनाने और इस बांध का डिजाइन ऊर्जा निगम द्वारा तैयार करने की भी बात कही। इसके अलावा, उन्होंने सेओग में 9 एमएलडी क्षमता के जल भंडारण टैंक की मुरम्मत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे शिमला शहर में जलापूर्ति की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, महापौर, शिमला नगर निगम सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अभिषेक जैन, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, निदेशक शहरी विकास कमल कांत सरोच, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस मुकेश रेपसवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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